छत्तीसगढ़ राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में राज्य के वृहद् उद्योगों को निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु एक अत्यंत प्रभावी एवं लाभकारी योजना प्रारंभ की गई है – “निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान”। यह योजना राज्य के विशिष्ट उत्पाद श्रेणी में आने वाले वृहद् उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करती है।
क्यों है निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ण योजना?
यह योजना उन वृहद् औद्योगिक इकाइयों के लिए है:
- जो विशिष्ट उत्पाद श्रेणी में आती हैं।
- जिनका वाणिज्यिक उत्पादन 01 नवंबर 2024 के बाद प्रारंभ हुआ हो।
- जिन्होंने ₹50 करोड़ या उससे अधिक मूल्य का निर्यात प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो।
- जिनके पास वैध आयात-निर्यात कोड (IEC) हो।
योजना के की मुख्य जानकारी:
- निर्यात प्रमाण पत्र प्राप्ति हेतु हुए वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति।
- अनुदान की राशि उद्योगों द्वारा प्रस्तुत चार्टर्ड अकाउंटेंट रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित की जाती है।
- यह अनुदान 30 कार्य दिवस में स्वीकृति के बाद वितरित किया जाता है।
एक एच्छा लाभकारी बिंदु:
- उद्योग को 5 वर्षों तक उत्पादन जारी रखना अनिवार्य।
- राज्य के स्थानीय निवासियों को नियत प्रतिशत में रोजगार देना होगा।
- किसी प्रकार की गलत जानकारी देने या तथ्यों को छिपाने पर, ब्याज सहित वसूली का प्रावधान है।
कैसे करें आवेदन?
- विभागीय पोर्टल पर लॉगिन करें।
- निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करें।
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें:
- शपथ पत्र
- चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित व्यय रिपोर्ट
- निर्यात से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्र
- IEC कोड की प्रति आदि।
क्या है योजना की खासियता?
- यह योजना राज्य के वृहद् उद्योगों को निर्यात बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने हेतु सहायता करती है।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने के लिए आवश्यक सर्टिफिकेशन का खर्च अब राज्य सरकार वहन करती है।
- यह नीति छत्तीसगढ़ को निर्यात हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
निष्कर्ष:
निर्यात के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र एक महंगा लेकिन महत्वपूर्ण निवेश होता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत उन उद्योगों के लिए वरदान सिद्ध हो सकती है जो वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करना चाहते हैं। इस योजना से लाभ उठाएं और अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुँचाएं।

