छत्तीसगढ़ सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “अंश पूंजी अनुदान नियम 2024” लागू किया है। यह योजना राज्य के मूल निवासियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन और अन्य विशेष वर्गों के लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
🎯 उद्देश्य:
- सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को पूंजीगत सहायता प्रदान करना
- नवाचार व स्वरोजगार को बढ़ावा देना
- राज्य के मूल निवासियों को औद्योगिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना
📜 नीति संदर्भ:
- अधिसूचना क्रमांक: एफ 20–47 /2024/11/6
- लागू दिनांक: 01 नवम्बर, 2024
- नीति का आधार: औद्योगिक विकास नीति 2024–30
✅ पात्रता:
- राज्य के मूल निवासी उद्यमियों द्वारा स्थापित नवीन सूक्ष्म एवं लघु उद्योग
- परियोजना लागत ₹10 करोड़ तक
- महिला उद्यमी, सेवानिवृत्त सैनिक, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति, नक्सल प्रभावित क्षेत्र को प्राथमिकता
- उद्योग नीति के परिशिष्ट-3 में दिए गए प्रतिबंधित उद्योगों को छोड़कर
रोजगार की शर्तें:
- अकुशल श्रमिक – 100% राज्य के निवासी
- कुशल श्रमिक – 70% राज्य के निवासी
- प्रबंधकीय पद – 40% राज्य के निवासी
अपात्रता:
- जिन इकाइयों को केंद्र/राज्य सरकार या अन्य एजेंसी से पहले से अनुदान मिला हो
- यदि स्व-वित्त पोषण (5% पूंजी) नहीं किया गया हो
💰 अनुदान की राशि:
- पूंजीगत लागत का 25%, अधिकतम ₹100 लाख (₹1 करोड़)
- उदाहरण: यदि परियोजना लागत ₹1 करोड़ है, तो ₹25 लाख तक अनुदान प्राप्त हो सकता है
🧾 आवेदन प्रक्रिया:
- आवेदन ऑनलाइन पद्धति से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में जमा करें
- आवेदन पत्र ऋण स्वीकृति से पहले प्रस्तुत करें
- जरूरी दस्तावेज़:
- वैध उद्यम आकांक्षा पंजीयन
- जाति / विकलांगता / सैनिक / नक्सल प्रमाण पत्र
- बैंक से ऋण स्वीकृति पत्र
- परियोजना रिपोर्ट और स्वयं के स्रोत से पूंजी व्यवस्था का शपथ पत्र
📌 आवेदन उपबंध–1, 2 और 3 के निर्धारित प्रारूप में करें
📥 आवेदन परीक्षण एवं स्वीकृति प्रक्रिया:
- 10 दिन में आवेदन की त्रुटियाँ बताई जाएंगी
- 15 दिन में त्रुटियाँ नहीं सुलझाने पर आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा
- पूर्ण आवेदन को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा में निपटाया जाएगा
- स्वीकृति / निरस्तीकरण आदेश ऑनलाइन जारी होगा
💳 अनुदान वितरण की प्रक्रिया:
- बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति के पश्चात DIC बैंक को आर.टी.जी.एस. से राशि ट्रांसफर करेगा
- राशि नकद में नहीं, केवल ऋण खाते में जमा की जाएगी
- अनुदान किस्तों में बैंक के ऋण वितरण के अनुपात में दिया जाएगा
- उद्योग स्थापित होने के बाद, यह अनुदान अन्य अनुदानों (ब्याज, SGST रिफंड) में समायोजित किया जा सकता है
- समायोजन नहीं होने पर अनुदान राजस्व बकाया की तरह वसूला जा सकता है
⚖️ वसूली के आधार:
- गलत जानकारी या दस्तावेज़ प्रस्तुत करना
- पात्रता से अधिक अनुदान प्राप्त करना
- तथ्य छुपाकर बैंक से ऋण लेना
- फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना
🧾 अपील प्रक्रिया:
- DIC द्वारा आवेदन निरस्त किए जाने पर उद्योग आयुक्त/संचालक के समक्ष 45 दिन के भीतर अपील की जा सकती है
- अपील पर कोई शुल्क नहीं लगेगा
🔁 स्वप्रेरणा से निर्णय:
- उद्योग आयुक्त / सचिव को अधिकार है कि वे किसी भी प्रकरण की समीक्षा करें और आवश्यक आदेश जारी करें
- प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर अवश्य मिलेगा
🧭 मार्गदर्शन एवं संशोधन:
- जिला स्तर पर मार्गदर्शन हेतु उद्योग संचालनालय जिम्मेदार
- नियमों की व्याख्या, परिवर्तन, संशोधन का अधिकार राज्य शासन के पास सुरक्षित
📌 निष्कर्ष:
अंश पूंजी अनुदान नियम 2024 राज्य में नवीन सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए आर्थिक रूप से एक बड़ी राहत है। यह योजना उन उद्यमियों के लिए वरदान है जो स्वयं की पूंजी कम होने के कारण व्यवसाय शुरू करने में असमर्थ होते हैं।
यदि आप छत्तीसगढ़ में कोई नया उद्योग लगाने का सपना देख रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकती है। आज ही आवेदन करें और अपनी औद्योगिक यात्रा की शुरुआत राज्य सरकार की सहायता से करें!
👉 अधिक जानकारी और आवेदन हेतु अपने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क करें।

